Manas Beyas, Mantu Rai
केहु रहे भूखा केहु भर पेट पावता
उड़स जाई मेला बबुआ
कतनो बटोरब धन कुछ ना ले जईबा
बैल वाला बाबा
यदि नाथ के नाम दया निधि है
जिंदगी पर्वत हवे
हरि के भजन में करेलऽ काहे देरी