Maa Tujhe Pranaam (माँ तुझे प्रणाम)

Ashwani Kapoor Ki Kalam Se

Episode   ·  82 Plays

Episode   ·  82 Plays  ·  2:01  ·  Aug 13, 2020

About

माँ तुझे प्रणाम ( 1922 - 13/08/2011 ) - In loving memory of my mother माँ  तुम कहाँ हो  उठते -बैठते  सोते जागते  तुम्हारी आहट सुनाई देती है !  शायद तुम आज भी पुकारती हो मुझे !  पूजाघर में तुम्हारी आहट सुनाई देती है , बरामदे में तुम्हारी छवि मुझे दिखाई देती है ! सीढ़ियों से उतरते तुम्हारी तस्वीर में झलकती  मुस्कुराहट  मुझे हर पल तुम्हारे साथ का  एहसास करवाती है !  वो बीत चुका बचपन , वो गोदी में बैठा तुम्हारी  मेरा लड़कपन ,  बहुत याद आता है !  सबकी अपनी -अपनी दुनिया है  और तुम्हारी दुनिया तो मैं था ! अब कोई और न मिला , न मिल सकता है  जो मेरी दुनिया को ही  अपना आइना कह सके !  एे माँ ! तेरी बहुत याद आती है ! एक तुम ही तो थी  जिसे मेरा रोना - चीख़ना -चिल्लाना ,  ग़ुस्से में सिर पटक कर रोना  भी कहीं  प्रेममयी लगता था !  वो तुम ही तो थी  जो क़हर बीत जाने पर  अपना धैर्य नहीं खोती थी  ---" सब ठीक हो जाएगा          तू ना घबरा          तेरा हर सपना पूरा हो जाएगा ! "    देख माँ !    मेरा हर सपना पूरा हो गया ,    तेरा बेटा आज बहुत बड़ा हो गया !   पर  तुम नहीं    तो सब कभी -कभी बेमानी लगता है !  मेरी हर साँस समर्पित तुम्हें !  पर वो भी बेमानी  क्योंकि अब केवल यादों में तुम्हारा साथ है !  बस तुम्हारे साथ का एहसास है  और मैं उसी एहसास के साथ जीना चाहता हूँ !! ऐ माँ ! मेरा नमन तुम्हें ! ----अश्विनी कपूर    13-08-2017  सदा से सदा के लिए

2m 1s  ·  Aug 13, 2020

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